(फाइल फोटो)
Indian Railway Ticket Booking Offer: त्योहारों के मौसम में ट्रेन का सफर अब जेब पर हल्का पड़ेगा. भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक नई और खास योजना शुरू की है, जिसके तहत आने-जाने का टिकट एक साथ बुक कराने पर 20 फीसदी की छूट मिलेगी. इस पहल का नाम रखा गया है 'राउंड ट्रिप पैकेज'.
रेलवे का कहना है कि यह योजना यात्रियों की सुविधा, त्योहारों में भीड़ कम करने और ट्रेनों के बेहतर इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है. भारतीय रेलवे से हर औसतन 2.4 करोड़ लोग सफर करते हैं, ऐसे में रेलवे के इस ऐलान से त्योहारों पर घर का रुख करने वाले लोगों को महंगे टिकटों से कुछ हद तक राहत मिलेगी.
कैसे मिलेगा फायदा?
रेलवे के मुताबिक, अगर कोई यात्री एक साथ अपने आने और जाने दोनों का टिकट बुक कराता है, तो उसे वापसी के टिकट पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी. यह छूट तभी लागू होगी जब यात्री का नाम दोनों टिकटों पर समान हो और दोनों टिकट एक ही क्लास में बुक किए गए हों.
कब से शुरू होगी योजना?
यह योजना 13 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 1 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी. आने का टिकट 13 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 के बीच की यात्रा के लिए होना चाहिए, जबकि वापसी का टिकट 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 के बीच की यात्रा के लिए मान्य होगा.
किन शर्तों के साथ मिलेगी छूट?
दोनों तरफ की टिकटें कंफर्म होनी चाहिए. टिकट में कोई बदलाव या रद्दीकरण की सुविधा नहीं होगी. रिफंड का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा. किसी अन्य ऑफर या स्कीम के साथ यह छूट नहीं जोड़ी जा सकेगी. दोनों टिकट एक ही समय और एक ही माध्यम (ऑनलाइन या ऑफलाइन) से बुक करने होंगे.
सभी ट्रेनों और क्लास में सुविधा
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह ऑफर देशभर की सभी ट्रेनों और सभी क्लास में लागू होगा. यात्री चाहे स्लीपर में सफर करें या एसी कोच में उन्हें इस स्कीम का लाभ मिलेगा, बशर्ते वे तय शर्तों का पालन करें. रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस योजना का मकसद त्योहारों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना, टिकट बुकिंग को सरल बनाना, यात्रियों को अधिक सुविधा देना और ट्रेनों का दोनों दिशाओं में बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है.
सुप्रीम कोर्ट
देश के हाई सिक्योरिटी एरिया अब प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स, और आम लोगों के लिए ऑफ-लिमिट (प्रतिबंधित क्षेत्र) हो गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में वीडियो शूटिंग, फोटो खींचना और रील बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा. कोर्ट का मानना है कि सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रयास को रोकना जरूरी है, वरना यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता है।
एससी ने हाई सिक्योरिटी वाले एरिया और अपने मुख्य परिसर में फोटो खींचने, सोशल मीडिया रील बनाने और वीडियोग्राफी करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. 10 सितंबर को जारी एक परिपत्र में शीर्ष अदालत ने मीडियाकर्मियों को कम सुरक्षा वाले क्षेत्र में तय लॉन से साक्षात्कार और समाचारों का सीधा प्रसारण करने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "हाई सिक्योरिटी एरिया के लॉन में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है. इस क्षेत्र का आधिकारिक उपयोग को छोड़कर वीडियोग्राफी, रील बनाने और फोटोग्राफी के लिए उपयोग किए जाने वाले कैमरा, ट्राइपॉड, सेल्फी-स्टिक आदि उपकरण प्रतिबंधित रहेंगे."
शीर्ष अदालत के सर्कुलर में आगे कहा गया है, "किसी वकील, वादी, इंटर्न या लॉ क्लर्क द्वारा इस आदेश का उल्लंघन करने पर उन्हें संबंधित बार एसोसिएशन या संबंधित राज्य बार काउंसिल अपने नियमों और विनियमों के अनुसार उचित कार्रवाई करेगी." इसमें कहा गया है कि किसी मीडियाकर्मी द्वारा दिशानिर्देशों का उल्लंघन किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट में उनकी पहुंच एक महीने की अवधि के लिए प्रतिबंधित की जा सकती है.
कोर्ट कर्मचारी और अफसर भी आदेश लागू
कोर्ट के कर्मचारियों या रजिस्ट्री द्वारा किसी भी उल्लंघन को 'गंभीरता' से लिया जाएगा. इसके अलावा, अदालत अपने में ये भी कहा, "अन्य हितधारकों के मामले में संबंधित विभागाध्यक्ष से अनुरोध किया जाएगा कि वे उल्लंघनकर्ता के विरुद्ध अपने नियमों और विनियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करें." कोर्ट परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को किसी भी व्यक्ति, कर्मचारी, वकील या अन्य को हाई सिक्योरिटी एरिया के अंदर तस्वीरें लेने या वीडियो बनाने से रोकने का अधिकार होगा."
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू
दोहा हमले से उपजे विवाद को थामने के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश शुरू कर दी है. अमेरिका दौरे के दौरान उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री को फोन कर ‘सॉरी’ कहा और रिश्तों में आई तल्खी को कम करने की पहल की. इस बीच, नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की, जिसने वैश्विक राजनीति में नए समीकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बेंजामिन नेतन्याहू इस साल जनवरी के बाद चौथी बार अमेरिका पहुंचे हैं. व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों नेताओं की यह अहम बैठक उस समय हो रही है, जब अमेरिका गाजा में शांति समझौते के लिए इजरायल पर दबाव बढ़ा रहा है. माफी मांगने की जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से दी है.
ट्रंप ने जताया शांति का भरोसा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बैठक के दौरान कहा कि गाजा शांति योजना पर प्रगति को लेकर उन्हें पूरा भरोसा है. उन्होंने 21 सूत्रीय फ्रेमवर्क पर सभी पक्षों के सहमत होने की संभावना को लेकर बहुत आत्मविश्वासी होने की बात दोहराई. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू से अपील की कि वह गाजा शांति प्रस्ताव का समर्थन करें. इस प्रस्ताव का मकसद लगभग दो साल से जारी संघर्ष को खत्म करना और हमास के कब्जे में बंद बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करना है.
हमास की गैर-मौजूदगी पर सवाल
बैठक के दौरान गाजा सिटी में इजरायली टैंक बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चला रहे थे. वहीं व्हाइट हाउस के बाहर इजरायल समर्थकों ने 'सील द डील नाउ' के नारे लगाते हुए बंधकों की रिहाई की मांग की.
बेमिन नेतन्याहू ने हाल के दिनों में वॉशिंगटन से रिश्ते मजबूत करने की कोशिश की, जबकि कई पश्चिमी देशों ने फिलिस्तीन को राज्य का दर्जा दे दिया है. अरब देशों ने भी इस शांति योजना को लेकर संदेह जताया है और हमास की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं.
उड़ीसा में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव
Odisha IAS Transfer List: उड़ीसा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली सरकार ने मंगलवार (22 जुलाई) देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए राज्य भर में कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादला कर दिया है. यह फेरबदल मुख्यमंत्री मोहन माझी की अगुवाई में किया गया है, जिसे राज्य के सुशासन और प्रशासनिक दक्षता को और बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
राज्य सरकार के जरिये जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, कुल 49 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है, जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और जिलाधिकारियों का नाम शामिल है. खास बात यह है कि राज्य के 30 में से 16 जिलों को नए कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट मिल गए हैं. इनमें जाजपुर, कंधमाल, कोरापुट, गंजाम, मल्कानगिरी, पुरी, खुर्दा और नबरंगपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं.
प्रमुख अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां
इसी क्रम में 1995 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हेमंत शर्मा को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वह पहले से ही आईपीआईसीओएल के चेयरमैन के पद पर कार्यरत हैं. वहीं, संजय कुमार सिंह से यह अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है.
पुरी के पूर्व कलेक्टर चंचल राणा को अब भुवनेश्वर नगर निगम का आयुक्त नियुक्त किया गया है. वहीं, संजीव कुमार मिश्रा को वित्त विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है. वह आईडीसीओ के चेयरमैन भी बने रहेंगे.
महिला अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण भूमिका
साल 2006 बैच की आईएएस अधिकारी रूपा रोशन साहू को राज्यपाल की आयुक्त-सह-सचिव नियुक्त किया गया है. फिलहाल रूपा रोशन साहू अभी तक बरहामपुर के दक्षिणी संभाग में आरडीसी के पद पर तैनात थीं.
अन्य अहम नियुक्तियां
राज्यपाल के प्रमुख सचिव एनबीएस राजपूत को लोक उद्यम विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है और वह ओएसआरटीसी के सीएमडी का भी अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे. वहीं, भास्कर ज्योति शर्मा को आबकारी विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है और वह ओपीटीसीएल के सीएमडी का दायित्व भी निभाते रहेंगे.
उड़ीसा में बीजेपी सरकार ने 49 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. 16 जिलों को नए कलेक्टर मिले, जबकि कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त विभागों की जिम्मेदारी दी गई है.